राजस्थान सरकार द्वारा लागू ACP (Assured Career Progression) और नई MACP (Modified Assured Career Progression) स्कीम सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय उन्नयन योजनाएँ हैं।
नवीन पुनरीक्षित वेतनमान के अनुसार अब MACP स्कीम लागू हो चुकी है, इसलिए दोनों योजनाओं के मुख्य अंतर को समझना आवश्यक है।
1️⃣ प्रभावी तिथि (Effective Date)
-
ACP स्कीम:
01 जनवरी 2006 से 31 मार्च 2023 तक प्रभावी रही। -
MACP स्कीम:
वित्त विभाग की अधिसूचना दिनांक 06 अक्टूबर 2023 के अनुसार
01 अप्रैल 2023 से लागू है।
2️⃣ सेवा अवधि का नियम
ACP स्कीम
- केवल राजपत्रित अधिकारियों पर लागू
- सेवा अवधि:
- 10 वर्ष
- 20 वर्ष
- 30 वर्ष
MACP स्कीम
- राजपत्रित और अराजपत्रित दोनों कर्मचारियों पर लागू
- सेवा अवधि:
- 9 वर्ष
- 18 वर्ष
- 27 वर्ष
3️⃣ पे-लेवल का लाभ
ACP
- वर्तमान पे-लेवल से तुरंत अगला पे-लेवल दिया जाता था।
MACP
- अब पदोन्नति पद (Promotional Post) का पे-लेवल दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण:
यदि कर्मचारी के पास उस पद के लिए आवश्यक शैक्षिक या प्रशिक्षण योग्यता नहीं है, तो उसे नियम 5 की तालिका के अनुसार पे-लेवल दिया जाएगा।
4️⃣ सेवा संतोषजनक होना (APAR)
ACP
- पिछले 7 वर्षों की सेवा संतोषजनक होना आवश्यक था।
MACP
- अब पिछले 9 वर्षों की APAR संतोषजनक होना अनिवार्य है।
5️⃣ विकल्प (Option)
नियम 14(6) के अनुसार:
यदि कर्मचारी ने 05 जनवरी 2024 तक विकल्प प्रस्तुत नहीं किया है, तो उसे स्वतः 01 अप्रैल 2023 से MACP स्कीम में शामिल माना जाएगा।
महत्वपूर्ण सूचना
यह जानकारी केवल सरल समझ के लिए संक्षेप में प्रस्तुत की गई है।
किसी भी प्रकार की अस्पष्टता या विवाद की स्थिति में विभागीय आदेश एवं नियम ही अंतिम रूप से मान्य होंगे।